संसद में अमित शाह ने ओवैसी को लेकर कही बात अब सच साबित हुई
नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर और आतंकवाद पर भारत का रुख बताने और पाकिस्तान को बेनकाब करने के लिए भारतीय डेलिगेशन का गठन सुर्खियों में है। इस टीम में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी को भी शामिल किया है। ओवैसी को विपक्ष लगातार बीजेपी की बी टीम बताकर घेरता रहा है, लेकिन अब जब मोदी सरकार ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल किया है, तो बहस छिड़ गई है।
इस बीच सोशल मीडिया पर एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें देखा जा सकता है कि सांसद ओवैसी ने अमित शाह से ही पूछ लिया कि ‘मैं किसकी टीम का हिस्सा हूं।’ उनके इस सवाल को सुनकर लोकसभा में मौजूद सभी लोग हंस पड़ते हैं, फिर अमित शाह इसका हल्के-फुल्के अंजाद में जवाब देते हुए कहते हैं, ऐसा है ओवैसी जी मैं तो चाहता हूं कि आप अपनी स्वयं टीम बनाओ…अरे वो (विपक्षी) परेशान हैं इसलिए मैं कहता हूं कि आप अपनी टीम बनाओ… आपके मुद्दे हमेशा ही अलग रहते हैं।
अमित शाह ने यह बात संसद में कब कही थी, इसकी तारीख तो नहीं बताई जा सकती है, लेकिन आज टीम मोदी में ओवैसी का नाम शामिल करने के बाद यह क्लिप एक बार फिर वायरल हो रही है। लोग कह रहे हैं कि शाह की बात सच हो गई। ओवैसी पहलगाम आतंकी हमले के बाद से ही पाकिस्तान के खिलाफ बोल रहे हैं और लगातार उस पर हमले कर रहे हैं। केंद्र सरकार की तरफ से कई देशों के दौरे पर भेजे जा रहे ऑल पार्टी डेलिगेशन में शामिल किए जाने पर औवैसी ने कहा कि एक के सदस्य के तौर पर यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए उनके संदेश का सार होगा।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के पाले आतंकवादियों के हाथों लंबे समय से निर्दोष लोगों की हत्या के बारे में दुनिया को बताना होगा। वहीं ओवैसी ने बीजेपी के ‘बी टीम’ कहे जाने के आरोपों को खारिज कर दिया है। ओवैसी ने कहा कि बीजेपी की सत्ता में वापसी मेरी वजह से नहीं, बल्कि विपक्ष की नाकामी की वजह से हुई है। ओवैसी ने कहा कि अगर मैं सिर्फ पांच सीटों पर चुनाव लड़ूं और बीजेपी की सीटें घटकर 240 रह जाएं तो फिर मुझे कैसे ज़िम्मेदार ठहराया जा सकता है?
ओवैसी ने आरएसएस पर भी हमला बोलते हुए कहा कि, आरएसएस की मंशा भारत को एक धार्मिक राज्य बनाने की है। वो बहुलवाद खत्म करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कोर्ट में जो केस फाइल किए जा रहे हैं, उनके पीछे आरएसएस समर्थकों का हाथ है। अब जब ओवैसी को केंद्र सरकार की ओर से प्रतिनिधिमंडल में शामिल किया गया है, तो विपक्ष के आरोपों को नया मुद्दा मिल गया है। हालांकि इसे एक संसदीय प्रक्रिया का हिस्सा भी कहा जा सकता है, जिसमें कई दलों के सांसदों को विदेश यात्राओं पर भेजा जाता है।




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